Bihar Election 2025 : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विपक्ष के सवालों के दिए जवाब देते कहा है कि एसआईआर पर कुछ दल भ्रम फैला रहे हैं।
नई दिल्ली। बिहार में चुनाव होने हैं। यहां वोटर लिस्ट को लेकर ‘युद्ध’ छिड़ा हुआ है। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कहा कि बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का मकसद मतदाता सूची को शुद्ध करना है, लेकिन यह गंभीर चिंता की बात है कि कुछ राजनीतिक दल और उनके नेता जमीनी हकीकत को नजरअंदाज करके एसआईआर को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। कहा कि चुनाव आयोग के कंधे पर बंदूक रखकर गोली चला रहे हैं। उन्होंने वोट चोरी के आरोपों को संविधान का अपमान बताते हुए कहा कि राजनीतिक दलों की मांग पर ही बिहार में एसआईआर की शुरुआत की गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को विपक्ष के दोहरे मतदान से लेकर वोट चोरी के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि दोहरे मतदान की शिकायत पर जब सबूत मांगा तो शिकायतकर्ता ने कोई जवाब ही नहीं दिया। ऐसे झूठे आरोपों से न तो चुनाव आयोग और न ही मतदाता डरने वाले हैं। मतदाता सूची के मसौदे पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए अभी 15 दिन बाकी हैं। किसी को आपत्ति हो तो दर्ज कराए। हम सुधारने के लिए तैयार हैं। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आयोग 75 साल से पूरी कर्मठता से काम कर रहा है। अगर आप मतदाता सूची और मतदान को मिलाकर आयोग पर निराधार आरोप लगाएंगे और कहेंगे कि चोरी हो रही है तो गलत है। अगर किसी व्यक्ति के दो जगह वोट भी हों तो वह एक ही जगह वोट कर सकता है। दो जगह मतदान कानूनन अपराध है। आरोपी पर फॉर्म 7 या शपथ पत्र मांगे जाने पर उन्होंने ने कहा कि कानूनन यदि आप उस क्षेत्र के मतदाता हैं तो आपको शिकायत का पूरा अवसर मिलता है। यदि वहां के मतदाता नहीं हैं तो आपको शपथ पत्र देना होगा।
सभी मतदाता, दल और बीएलओ पारदर्शी तरीके से मिलकर काम कर रहे हैं। भ्रम फैलाने के लिए हकीकत नजरअंदाज की जा रही है। जब 7 करोड़ से अधिक मतदाता साथ हों, तो न आयोग और न ही मतदाताओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया जा सकता है।
Bihar Election 2025 : राहुल गांधी को हलफनामा देना होगा नहीं तो माफी मांगें Rahul Gandhi will have to give an affidavit or else apologize
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनके आरोपों को मनगढ़ंत और तथ्यहीन करार दिया है। उन्होंने कहा है कि चुनाव आयोग चुप नहीं बैठेगा। राहुल गांधी के पास आरोपों के संदर्भ में यदि सबूत हैं तो सात दिन में हलफनामा दें। नहीं तो उन्हें लोकतंत्र को कठघरे में खड़ा करने और मतदाताओं को गुमराह करने के लिए देश से माफी मांगनी होगी। इसके अलावा तीसरा कोई विकल्प नहीं है।
उन्होंने कहा कि एक पीपीटी दिखाकर गलत तरीके से विश्लेषण करना और यह कहना कि किसी महिला ने दो बार मतदान किया है यह बेहद गंभीर आरोप हैं। बिना हलफनामे के ऐसे गंभीर आरोपों पर आयोग कार्रवाई नहीं कर सकता। यह संविधान और आयोग दोनों के विरुद्ध होगा। यदि हलफनामा नहीं देते हैं तो माना जाएगा कि आरोप राजनीति से प्रेरित और तथ्यहीन थे।
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