Agra News : आगरा नगर निगम चमरौली परिक्रमा मार्ग को 1.12 करोड़ की लागत से बना रहा है। इससे एक बड़े क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी।
Agra News : शहर के ताजगंज क्षेत्र में चमरौली परिक्रमा मार्ग पर अब वाहनों की रफ्तार थमेगी नहीं, बल्कि वे सरपट दौड़ेंगे। नगर निगम ने वार्ड 77 शहीद नगर स्थित इस मार्ग को 28 साल बाद नया जीवन देने का फैसला किया है। लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी और सोलह फुट चौड़ी सड़क का नगर निगम द्वारा 1.12 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण कराया जा रहा है। यह मार्ग पथवारी मंदिर से मोहन की चक्की तक बनाया जा रहा है।
लंबे समय से ऊबड़-खाबड़ सड़क और जगह-जगह गड्ढों के कारण यहां से गुजरने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सीवर लाइन पड़ने के बाद सड़क धंसने लगी और बरसात के दिनों में घुटनों तक पानी भरने की समस्या खड़ी हो गई थी। क्षेत्रीय पार्षद दीपक वर्मा की लगातार मांग पर नगर निगम प्रशासन ने इस मार्ग के निर्माण को हरी झंडी दी है। अधिशासी अभियंता दीपांकर सिंह द्वारा दीपावली तक सड़क और फुटपाथ का कार्य पूरा होने की संभावना जताई जा रही है।

हजारों लोगों का रोजाना आवागमन
क्षेत्रीय पार्षद दीपक वर्मा ने बताया कि इस सड़क से रोजाना हजारों लोगों का आना-जाना होता है। कलाल खेरिया, लोहागढ़, लकावली और कहरई मोड़ शमसाबाद के लोग सौ फुटा रोड होते हुए इसी मार्ग से आते-जाते हैं। सड़क बनने के बाद लोगों को सुगम और सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलेगा।
नगर निगम का लक्ष्य है कि पुराने और जर्जर हो चुके मार्गों को प्राथमिकता पर दुरुस्त किया जाए। चमरौली परिक्रमा मार्ग पर सड़क और फुटपाथ का काम तेजी से कराया जा रहा है। दीपावली तक लोगों को नई सड़क की सौगात देने का प्रयास है।
अंकित खंडेलवाल
नगर आयुक्त, आगरा

नगर निगम की रडार पर ये व्यापारी
आगरा शहर मेंत्योहारों के मौसम में कारोबारियों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए दुकानों के सामने बड़े-बड़े बोर्ड, होर्डिंग और द्वार लगाकर प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। लेकिन नगर निगम की अनुमति लिए बिना लगाये गये ऐसे विज्ञापन अब व्यापारियों पर भारी पड़ने लगे हैं। शनिवार को नगर निगम प्रशासन ने बिना अनुमति लगाये गये विज्ञापनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उन्हें जब्त कर लिया।
नगर निगम की आरआई शिप्रा गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने नेहरू नगर पुलिस चौकी के पास छापामार कार्रवाई की। यहां तपन घी, सुरेश चंद और दिनेश चंद साड़ी वाले ने नगर निगम की अनुमति के बिना विज्ञापन गेट खड़े कर दिये थे। निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी गेट और बोर्ड हटवा दिये। इस संबंध में जानकारी देते हुए सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि कोई भी व्यापारी यदि त्योहारों के दौरान विज्ञापन के लिए गेट या बोर्ड लगाना चाहता है तो उसे पहले नगर निगम से अनुमति लेनी होगी। इसके लिए निर्धारित शुल्क जमा करना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति लगाये गये विज्ञापन पटों और गेटों को जब्त कर लिया जाएगा और संबंधित व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि बिना लाइट वाले विज्ञापन के लिए 34.84 रुपये प्रति वर्ग फुट और लाइट युक्त विज्ञापन के लिए 55.74 रुपये प्रति वर्ग फुट शुल्क निर्धारित किया गया है। निगम प्रशासन ने कारोबारियों से अपील की है कि वे निर्धारित शुल्क जमा कर ही विज्ञापन करें, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। त्योहारी सीजन में यह अभियान लगातार जारी रहेगा और शहरभर में निगम की टीमें सघन जांच कर अवैध विज्ञापनों को हटवाती रहेंगी। नगर आयुक्त ने अभियान को तेज करने के आदेश दिए हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में इस तरह के विज्ञापनों को चिन्हित किया जा रहा है

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