Home खेतीबाड़ी Potato Farming : आलू की ये प्रजाति पैदावार में तोड़ रही रिकॉर्ड This variety of potato is breaking records in production
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Potato Farming : आलू की ये प्रजाति पैदावार में तोड़ रही रिकॉर्ड This variety of potato is breaking records in production

Potato Farming : सीपीआरआई (CPRI) की प्रजाति कुफरी ख्याति अगेती और मुख्य फसल के रूप में बुवाई के लिए उपयुक्त है। दोनों ही रूप में आलू की पैदावार कई अन्य प्रजातियों की तुलना में अधिक दे रही है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा कुफरी ख्याति आलू की बुवाई का रकबा हर साल बढ़ रहा है।

Potato Farming : आलू की कुफरी ख्याति एक ज्यादा पैदावार देने वाली और जल्दी पकने वाली सफेद कंद की प्रजाति है, जो देर से होने वाले तुषार (पाला) के प्रति मध्यम प्रतिरोध रखती है। भारत के मैदानी इलाकों में खेती के लिए है। अधिकांश क्षेत्रों में कुफरी ख्याति अन्य जल्दी पकने वाली प्रजातियों की तुलना में अधिक पैदावार दे रही है। इसकी एक महत्वपूर्ण विशेषता है कि अधिकांश जल्दी पकने वाली प्रजातियों के विपरीत इसमें देर से होने वाले तुषार के प्रति मध्यम प्रतिरोध होता है। यह प्रजाति बहुत जल्दी 60-75 दिन में तैयार हो जाती है। कुफरी ख्याति राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए एक फायदेमंद प्रजाति है। यह प्रजाति जल्दी पकने वाली अन्य प्रजाति कुफरी चंद्रमुखी, कुफरी जवाहर, कुफरी अशोक और कुफरी पुखराज के लिए एक अच्छा प्रतिस्थापन होने की संभावना है।

Potato Farming : 400 क्विंटल तक देती है पैदावार Gives yield up to 400 quintals

आलू की प्रजाति कुफरी ख्याति अगेती बुवाई करने पर 250 से 300 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पैदावार दे सकती है। मुख्य फसल के रूप में इस प्रजाति की बुवाई करके किसान 350 से 400 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पैदावार ले सकते हैं।

उद्यान विभाग आलू बीज किसानों में वितरण करता है। इस बीज को 3-4 वर्ष तक प्रयोग किया जा सकता है। बोने के लिए 30-55 मिमी व्यास का अंकुरित (चिटिंग) आलू बीज का प्रयोग करना चाहिए। एक हेक्टेयर के लिए 30-35 कुन्तल बीज की आवश्यकता पड़ती है। प्रजातियों का चयन क्षेत्रीय आवश्यकताओं एवं बुवाई के समय अगेती फसल, मुख्य फसल अथवा पिछेती फसलों के अनुसार किया जाना उचित होता है।

Potato Farming : आलू के लिए ऐसे करें भूमि प्रबन्ध Do this kind of land management for potatoes

आलू की फसल के लिए मृदा का पीएच मान 6 से 8 के मध्य होना चाहिए। बलुई दोमट और दोमट मिट्टी उचित जल निकास की उपयुक्त होती है। 3-4 जुताई डिस्क हैरो या कल्टीवेटर से करें। प्रत्येक जुताई के बाद पाटा लगाने से ढेले टूट जाते हैं। नमी सुरक्षित रहती है। वर्तमान में रोटावेटर से भी खेत की तैयारी शीघ्र व अच्छी हो जाती है। आलू की अच्छी फसल के लिए बुवाई से पहले पलेवा करना चाहिए।

Potato Farming : आलू की फसल में कार्बनिक खाद के फायदे Benefits of organic fertilizer in potato crop

खेत में यदि हरी खाद का प्रयोग न किया हो तो 15-30 टन प्रति हेक्टेयर सड़ी गोबर की खाद का प्रयोग करने से जीवांश पदार्थ की मात्रा बढ़ जाती है, जो कन्दों की पैदावार बढ़ाने में सहायक होती है।

Potato Farming : आलू की उन्नत खेती के लिए जलवायु और तापमान Climate and temperature for improved potato cultivation

आलू समशीतोष्ण जलवायु की फसल है। जबकि उत्तर प्रदेश में इसकी खेती उपोष्णीय जलवायु की दशाओं में रबी के सीजन में की जाती है। सामान्य रूप से आलू की अच्छी खेती के लिए फसल अवधि के दौरान दिन का तापमान 25-30 डिग्री सेल्सियस और रात्रि का तापमान 4-15 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। फसल में कन्द बनते समय लगभग 18-20 डिग्री सेल्सियस तापमान सबसे अच्छा होता है। कन्द बनने के पहले कुछ अधिक तापमान रहने पर फसल की वानस्पतिक वृद्धि अच्छी होती है, लेकिन कन्द बनने के समय अधिक तापमान होने पर कन्द बनना रुक जाता है। लगभग 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान होने पर आलू की फसल में कन्द बनना बिल्कुल बन्द हो जाता है।

Potato Farming : चौथे स्थान पर आती है आलू की फसल Potato crop comes in fourth place

जानकारों की मानें तो भारत में चावल, गेहूं और गन्ना की फसल के बाद क्षेत्रफल में आलू की फसल का चौथा स्थान है। आलू एक ऐसी फसल है, जिससे प्रति इकाई क्षेत्रफल में अन्य फसलों (गेहूं, धान एवं मूंगफली) की अपेक्षा अधिक उत्पादन मिलता है। किसानों को आलू की फसल से प्रति हेक्टर आय भी अधिक मिलती है।

Potato Farming : अगेती और पिछेती झुलसा प्रतिरोधी है Resistant to early and late blight

कुफरी ख्याति अगेती और पिछेता झुलसा की प्रतिरोधी है। इस प्रजाति में आलू बनने की प्रक्रिया जल्दी शुरू होती है। जलसा और पहले का असर ज्यादा नहीं होता है, इसलिए पौधे काफी दिनों तक स्वस्थ रहते हैं। ऐसा होने से फसल की पैदावार बहुत अच्छी होती है।

Potato Farming : अगेती और पिछेती झुलसा प्रतिरोधी है Resistant to early and late blight

कुफरी ख्याति अगेती और पिछेता झुलसा की प्रतिरोधी है। इस प्रजाति में आलू बनने की प्रक्रिया जल्दी शुरू होती है। जलसा और पहले का असर ज्यादा नहीं होता है, इसलिए पौधे काफी दिनों तक स्वस्थ रहते हैं। ऐसा होने से फसल की पैदावार बहुत अच्छी होती है।

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