UP: मुख्य पाइप लाइनों से हटेंगे पानी के कनेक्शन। ब्रांच पाइप लाइनों से ही जोड़े जाएंगे कनेक्शन। सर्वे का काम तेजी से हो रहा है। गंदे पानी की समस्या की संभावना कम होगी। पानी की टेस्टिंग का काम भी तेज हुआ। महाप्रबंधक ने अधीनस्थों को दिए सख्त निर्देश।
UP: आगरा महानगर की पेयजल व्यवस्था को और सुरक्षित एवं बेहतर करने के लिए नगर निगम के जलकल विभाग ने फुलप्रूफ प्लान तैयार करके काम शुरू कर दिया है। कॉलोनी एवं मोहल्लों से गुजरने वाली मुख्य पाइप लाइनों से उपभोक्ताओं के कनेक्शन हटाए जाएंगे। ऐसे कनेक्शनों के लिए ब्रांच पाइप लाइन डालने का काम शुरू होगा। इसके लिए सर्वे का काम तेज हो गया है। वहीं पानी की टेस्टिंग के लिए नमूनों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
मध्यप्रदेश के इंदौर की घटना के बाद आगरा शहर की पेयजल व्यवस्था की संघन निगरानी शुरू हो गई है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल और जलकल विभाग के महाप्रबंधक एके राजपूत लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इससे किसी भी स्तर पर पेयजल व्यवस्था में कोई तकनीकी कमी न रह जाए। जलकल विभाग के महाप्रबंधक ने बताया कि गंदे पानी की समस्या की जो भी शिकायतें आती हैं, उन्हें गंभीरतापूर्वक लिया जाता है। पुराने शहर में ज्यादातर पानी का नेटवर्क ब्रिटिशकालीन है। पुरानी पाइप लाइनें होने के कारण वह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इनमें लीकेज की समस्या होती रहती है। उपभोक्ताओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित पानी मिलता रहे, उसके लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। नगर निगम सीमा के तहत जहां-जहां जलकल विभाग की पाइप लाइनों का नेटवर्क है, वहां सर्वे का काम चल रहा है। सर्वे के काम को और तेज करने के निर्देश दिये गए हैं। महाप्रबंधक ने बताया कि पाइप लाइनों को दुरुस्त करने के लिए कई चरणों में काम होगा। पहले चरण में पानी की टेस्टिंग और नाले-नालियों से गुजरने वाली उपभोक्ताओं की कनेक्शन पाइप लाइनों को लेकर काम किया जाएगा। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से लेकर टेल प्वाइंट तक पानी की गुणवत्ता की निगरानी बढ़ा दी गई है। पानी के नमूनों की संख्या को और बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही जिन-जिन क्षेत्रों में जहां-जहां मुख्य पाइप लाइनों में कनेक्शन हो रहे हैं। ऐसे कनेक्शनों को हटाने का काम किया जाएगा, जिसके लिए जलकल विभाग सर्वे करके ऐसे स्थानों को चिन्हित कर रहा है।

जलकल विभाग के महाप्रबंधक एके राजपूत ने बताया कि अब कनेक्शन ब्रांच लाइन से ही रहेंगे। इस तरह के कनेक्शनों से मुख्य पाइप लाइन के लीकेज होने की संभावना रहती है।

इतने कनेक्शन पर डलेगी नई पाइप लाइन
जलकल विभाग के महाप्रबंधक एके राजपूत ने बताया कि पांच कनेक्शन से अधिक होने पर नई ब्रांच पाइप लाइन डाली जाएगी। इससे मुख्य पाइप लाइन में कनेक्शन नहीं रहेंगे। इस तरह की गलियों का सर्वे चल रहा है। ब्रांच पाइप लाइन का कार्य भी जल्दी शुरू होगा।
समीक्षा में अधीनस्थों को दिये सख्त निर्देश
महाप्रबंधक ने रविवार को भी अधीनस्थों के साथ महानगर की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को साफ शब्दों में कहा है कि पेयजल व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। लगातार क्षेत्र में जाएं, जहां भी अव्यवस्था मिले उसे दूर करें।
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