Home उत्तर प्रदेश Agra News: इफको ने केंद्र प्रभारियों को किया ट्रेंड IFFCO trained the centre in-charges
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Agra News: इफको ने केंद्र प्रभारियों को किया ट्रेंड IFFCO trained the centre in-charges

आगरा। खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत इफको ने बुधवार को यूथ हॉस्टल में एक दिवसीय केन्द्र प्रभारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इससे केन्द्र प्रभारियों को आधुनिक कृषि तकनीकों, संतुलित पोषण प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और इफको के नवीन कृषि उत्पादों के वैज्ञानिक उपयोग के संबंध में प्रशिक्षित एवं जागरूक बनाया जा सके।

मुख्य अतिथि उप कृषि निदेशक मुकेश कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ भूमि की उर्वरा शक्ति एवं मृदा स्वास्थ्य को बनाए रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने किसानों तक वैज्ञानिक कृषि तकनीकों एवं संतुलित पोषण प्रबंधन की जानकारी पहुंचाने में केन्द्र प्रभारियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग, जल संरक्षण, फसल पोषण प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक खेती एवं आधुनिक तकनीकों को अपनाकर ही कृषि को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. प्रह्लाद सिंह ने कहा कि खेत बचाओ अभियान का उद्देश्य किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक बनाना है।

किसान आधुनिक तकनीकी अपनाकर कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बना सकते हैं।

विनोद कुमार जिला कृषि अधिकारी,आगरा

इफको के उप प्रबंधक नरेंद्र कुमार सागर ने नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक, नैनो कॉपर, नैनो एनपीके, सागरिका एवं धरामृत सहित इफको के विभिन्न उन्नत कृषि उत्पादों की विस्तृत जानकारी प्रदान दी। विशेषज्ञों ने बताया कि नैनो यूरिया प्लस फसलों को नाइट्रोजन की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित कर उर्वरक उपयोग दक्षता बढ़ाता है। यह पारंपरिक यूरिया पर निर्भरता कम करने में सहायक है। नैनो डीएपी फास्फोरस एवं नाइट्रोजन की बेहतर उपलब्धता प्रदान करके पौधों की प्रारंभिक वृद्धि एवं जड़ विकास को प्रोत्साहित करता है। नैनो जिंक फसलों में जिंक की कमी को दूर करके बेहतर वृद्धि, दाना भराव एवं गुणवत्ता सुधार में सहायक है, जबकि नैनो कॉपर पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने एवं आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों की पूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नैनो एनपीके फसलों को संतुलित मात्रा में नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटाश उपलब्ध कराकर अधिक उत्पादन एवं गुणवत्तापूर्ण उपज देता है।

सागरिका जो समुद्री शैवाल आधारित जैविक उत्पाद है, पौधों की वृद्धि, जड़ विकास, पुष्पन एवं फलन को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रतिकूल परिस्थितियों में फसल की सहनशीलता को बढ़ाता है। वहीं धरामृत मिट्टी में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की सक्रियता बढ़ाकर मृदा की जैविक उर्वरता, पोषक तत्वों की उपलब्धता तथा दीर्घकालीन उत्पादकता को सुदृढ़ बनाने में सहायक है।

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