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Agra News: नालों की सफाई में अब नहीं चलेगा ‘खेल’, जिम्मेदार होंगे ‘फेल’ There will be no more ‘games’ in cleaning drains, those responsible will be ‘failed’
Agra News: नालों की सफाई में अब नहीं चलेगा ‘खेल’, जिम्मेदार होंगे ‘फेल’ There will be no more ‘games’ in cleaning drains, those responsible will be ‘failed’
Agra News: नवागत नगर आयुक्त ने रोस्टर व्यवस्था बदल डाली है। अब समय, स्थान सब तय होगा। मनमानी मतलब कार्रवाई होगी। उन्होंने मॉनिटरिंग को लेकर अफसरों को सख्त निर्देश दिए हैं।
आगरा। नवागत नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने नालों की सफाई में होने वाले खेल को बंद करने के लिए ठोस कदम उठाया है। जलभराव या कोई और समस्या होने पर अब जिम्मेदारों की जवाबदेयी तय होगी। उन्होंने पारंपरिक रोस्टर व्यवस्था को ही बदल डाला है। महीना नहीं अब केवल एक सप्ताह का रोस्टर रहेगा।
बता दें कि नवागत नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य के सामने नगर निगम की सफाई व्यवस्था और अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की तस्वीर साफ हो गई है। थोड़ी सी ढील मानसून में जनता को जलभराव और स्वयं की कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में खड़ी कर सकती है। इसलिए नगर आयुक्त कोई रिस्क लेने के मूड़ में नहीं हैं। उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था खासकर नाले-नालियों की सफाई को गंभीरता से लेते हुए अपना स्पष्ट कर दिया है। नगर आयुक्त ने बताया कि मानसून के दौरान शहर में जलभराव की समस्या न इसके लिए हर संभव प्रयास होंगे। कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक कोई भी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता है। अपनी-अपनी जिम्मेदारी की सबकी जवाबदेयी है। किसी तरह की बहानेबाजी नहीं चलेगी। इसी तंत्र के साथ शहर को साफ और सुंदर बनाना है। सबसे पहली चुनौती मानसून में जलभराव की समस्या है, जिसके लिए नगर निगम लगातार काम कर रहा है। नालों की सफाई ढंग से हो, उसके लिए रोस्टर में बदलाव किया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक रोस्टर एक महीने के लिए बनता था। इस रोस्टर से सफाई कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने की संभावना रहती है। सफाई कब और कहां हुई मालू नहीं पड़ पाता है। गाड़ी कब और कितने बजे मौके पर पहुंची। बस सफाई कार्य चल रहा है या पूरा हो गया।
नगर आयुक्त ने बताया कि इस तरह की मनमानी नहीं चलेगी, इसलिए सफाई व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए रोस्टर को साप्ताहिक किया गया है। इसके अंदर भी नया काम किया गया है। रोस्टर में सयम, स्थान स्पष्ट किया गया है। गाड़ी या टीम को कहां कितने बजे पहुंचना है। निर्धारित समय सीमा में उक्त नाले की सफाई करनी है। उसके बाद ही आगे का रोस्टर बनेगा। इस साप्ताहिक रोस्टर से मॉनिटरिंग भी और अच्छे से हो सकेगी। संबंधित अधिकारी सफाई की जानकारी पार्षदों को देंगे, जिससे वे भी सफाई कार्य की गुणवत्ता और व्यवस्था पर नजर रख सकेंगे। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि पहले शहर के मुख्य बड़े नालों की सफाई को पूरा करें। इन नालों पर शहर के सभी मझले और छोटे नालों का दबाव रहता है। जब ये नाले अच्छी तरह से साफ होंगे तो बारिश के दौरान पानी का बहाव सही होगा। पीछे किसी नाले के उफनने की समस्या नहीं होगी। जहां-जहां जलभराव की समस्या को दूर या कम किया जा सकता है उस पर कार्य करेंगे।
मैं औचक निरीक्षण एवं समीक्षा करके नालों की सफाई कार्य पर नजर रखूंगा। जिसकी लापरवाही मिलेगी उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। नाले-नालियों की सफाई में किसी तरह लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
संतोष कुमार वैश्य, नगर आयुक्त
मैं नया हूं, मुझे पता है कितने हैं नाले?
नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार वर्मा की विभागीय जानकारी, जिसके कारण सदन के अधिवेशन में नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए थे? पार्षदों के पूछने पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी नालों की संख्या नहीं बता पाये थे। इतना ही नहीं वे नालों का टेल भी नहीं बता पाये थे। एक सवाल के जवाब में नवागत नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने कहा कि मैं नया हूं, मुझे पता है शहर में कितने नाले हैं।
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