Anganbadi News : पुष्टाहार वितरण में पारदर्शिता लाने और गड़बड़ी रोकने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाएगा। इसको लेकर प्रशिक्षण का दौर चल रहा है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में डीपीओ, सीडीपीओ और मुख्य सेविकाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दूसरे चरण में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षण दिया जाना है।
लखनऊ.
Anganbadi News: केंद्र की मोदी और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार कुपोषण (Malnutrition) के खिलाफ जंग को और प्रभावी बनाने में लगी हैं। बच्चों, किशोरियों और महिलाओं को कुपोषण से बचाने के लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग पुष्टाहार योजना का लाभ दे रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों (Anganbadi Kendra) पर पंजीकृत लाभार्थियों को दाल, दलिया और खाद्य तेल दिया जा रहा है। इसके वितरण में पारदर्शिता लाने और गड़बड़ी को रोकने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन (face Authentication) की व्यवस्था लागू होने जा रही है। इसको लेकर प्रशिक्षण की प्रक्रिया चल रही है।
बच्चे, किशोरी और महिलाओं को कुपोषण से बचने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों (Anganbadi Center) पर पुष्टाहार ( Nutritious food) के रूप में दाल दलिया और खाद्य तेल दिया जाता है। साथ ही लाभार्थियों और उनके अभिभावकों स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियां दी जाती हैं। 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के बच्चों को पढ़ाया जाता है। उन्हें लिखने से लेकर बोलने तक की पढ़ाई कराई जाती है। पुष्टाहार वितरण में अनियमितताएं होने की शिकायत सरकार को मिल रही थीं। सरकार ने पुष्टाहार वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन लागू किया है। फेस ऑथेंटिकेशन (face Authentication) को लेकर प्रशिक्षण का दौर चल रहा है। पहले चरण में जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी और मुख्य सेविकाओं को यह प्रशिक्षण दिया गया है, जबकि दूसरे चरण में आंगनबाड़ी (Anganbadi News) कार्यकत्रियों को फेस ऑथेंटिकेशन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षण देने की तैयारी चल रही है। जानकारों की मानें तो फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से पुष्टाहार वितरण में कई दिक्कत के सामने आएंगी। इससे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों (Anganbadi Worker) को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जानकारों का कहना है कि जिन बच्चों का आधार कार्ड नहीं बना है, उनके स्थान पर उनकी माता का आधार नंबर लगा हुआ है। अब इस नई व्यवस्था के तहत लाभार्थियों का अलग-अलग आधार कार्ड नंबर होना अनिवार्य है। फेस ऑथेंटिकेशन ( face Authentication) आधार कार्ड (Aadhar Card) नंबर के आधार पर ही होगा। अभी तक बिना फेस ऑथेंटिकेशन के आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां लाभार्थियों को पुष्टाहार ( Nutritious food) का वितरण कर रही थीं। बच्चों का आधार कार्ड नंबर न होने पर उसके स्थान पर उसकी माता का आधार नंबर पोषण ट्रैकर ऐप (Poshan Tracker App) में फीड कर दिया जाता था, लेकिन अब ऐसा करने पर उस लाभार्थी का फेस ऑथेंटिकेशन होने में दिक्कत आएगी। जब तक फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी तब तक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लाभार्थी को पुष्टाहार का लाभ नहीं दे पाएंगी।
आगरा सीडीओ प्रतिभा सिंह ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरण होने वाले पुष्टाहार में पारदर्शिता बनाने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन की नई व्यवस्था लागू हो रही है। अब पुष्टाहार लेने से पहले लाभार्थी को अपने चेहरे का सत्यापन करवाना होगा। इस नई व्यवस्था के तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षण दिया जाना है। जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर जल्द ही इस नई व्यवस्था के तहत पुष्टाहार का वितरण शुरू होगा।

Anganbadi News: मास्टर ट्रेनर देंगे प्रशिक्षण (Master trainer will give training)
आगरा के जिला कार्यक्रम अधिकारी हरीश मौर्य ने बताया कि शीघ्र ही इन मास्टर ट्रेनर के माध्यम से पूरे जनपद की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को इस फेस ऑथेंटिकेशन का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे लाभार्थियों का सत्यापन आसानी से हो सके। इसके साथ ही पुष्टाहार वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी। फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से पुष्टाहार का वितरण कराये जाने का उद्देश्य आंगनबाड़ी केन्द्रों के लाभार्थियों गर्भवती, धात्री महिलाओं और 7 माह से 3 वर्ष एवं 3 वर्ष से 6 वर्ष के बच्चों में पुष्टाहार वितरण को और पारदर्शी बनाया जायेगा।
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Anganbadi News : आंगनबाड़ी केंद्र पर मिलता है ये पोषाहार (This nutritional food is available at Anganwadi center)
यूपी के जनपदों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार के रूप में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं (धात्री महिलाओं) के अलावा 6 माह से 3 साल एवं 3 साल से 6 साल तक के बच्चों को पोषाहार मिलता है। इस पोषाहार में गेहूं का दलिया, चना की दाल और फॉर्टिफाइड ऑयल शामिल है।

Anganbadi News : किस पोषाहार की कितनी है मात्रा (What is the quantity of which nutrient?)
आंगनबाड़ी केद्र पर मिलने वाले पोषाहार में गेहूं के दलिया, चना की दाल और फॉर्टिफाइड ऑयल की लाभार्थियों के अनुसार है। गर्भवती महिला और स्तनपान कराने वाली महिला को चना की दाल एक किलोग्राम, गेहूं का दलिया डेढ किलोग्राम और फॉर्टिफाइड ऑयल 455 ग्राम मिलता है। इसी तरह 6 माह से 3 साल तक के बच्चों को चना की दाल एक किलोग्राम, गेहूं का दलिया एक किलोग्राम और फॉर्टिफाइड ऑयल 455 ग्राम मिलता है।

Anganbadi News : बच्चों में कुपोषण क्या है? (What is malnutrition in children?)
चिकित्सकों के अनुसार बच्चों का शारीरिक विकास एवं वृद्धि उनकी आयु के अनुसार मानक अनुरूप न होना ही कुपोषण कहलाता है। ऐसे बच्चे अपनी उम्र के अन्य सामान्य स्वस्थ बच्चों से औसतन कम विकास करते हैं। बच्चों में 5 साल की उम्र तक विकास करने की क्षमता एक समान होती है। यदि कोई बच्चा कुपोषित है तो उसके शरीर के सामान्य गति से वृद्धि करने की क्षमता, मानसिक विकास, बौद्धिक विकास व उसके सीखने की क्षमता प्रभावित हो रही है।

Anganbadi News : कुपोषण की हो सकती हैं तीन स्थित (There can be three reasons for malnutrition)
चिकित्सकों के अनुसार बच्चों के शरीर में कुपोषण की तीन स्थिति हो सकती हैं। इनमें पहली शरीर में पहले से ही कम पोषण तत्वों की उपलब्धता हो, दूसरी भोजन से कम पोषक तत्वों की प्राप्ति हो
और तीसरी स्थिति भोजन से पर्याप्त मात्रा में पोषण तत्व मिलने पर भी शरीर में उनका अवशोषण न होना।
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