Swachh Vayu Sarvekshan 2025 : केंद्र सरकार स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 का रिजल्ट जारी किया है। इसमें इंदौर को पहला, जबलपुर को दूसरा और आगरा एवं सूरत को संयुक्त रूप तीसरा स्थान मिला है।
दिल्ली। देश के 10 लाख से अधिक आबादी वाले बड़े शहरों में इंदौर ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित की है। अब इंदौर न केवल देश का सबसे स्वच्छ शहर है, बल्कि यह सबसे साफ हवा वाला शहर भी बन गया है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में जबलपुर दूसरे, आगरा और सूरत संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे।
आर्द्रभूमियों के संरक्षण के लिए आयोजित प्रतिस्पर्धा में मध्य प्रदेश के इंदौर ने पहला स्थान पाया है। जबकि जबलपुर दूसरे, उत्तर प्रदेश के आगरा और गुजरात के सूरत संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे। वर्ष 2024 के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में सूरत पहले, जबलपुर दूसरे और आगरा तीसरे स्थान पर थे, जबकि इंदौर छठे स्थान पर था। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत देश के 130 शहरों के लिए स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के परिणाम जारी किए हैं, जिसमें 10 लाख से अधिक आबादी वाले 48 शहरों ने भाग लिया।
बड़े शहरों में इंदौर ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित की है।

आगरा की मेयर बोलीं…
मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने अवार्ड प्राप्त करने के बाद खुशी जताते हुए इस उपलब्धि का श्रेय नगर निगम की टीम और आगरा की जागरूक जनता को दिया। उन्होंने कहा कि 2024 के बाद आगरा ने 2025 में भी अपने प्रदर्शन को दोहराया है। देश में आगरा को तीसरा और उत्तर प्रदेश में पहला स्थान मिला है। सूची में पहला और दूसरा स्थान मध्यप्रदेश के दो शहरों इंदाैर और जबलपुर को हासिल हुआ है। महापौर ने कहा कि उनका उद्देश्य आगरा को स्वच्छ हवा सहित अन्य मानकों में स्वच्छता की दृष्टि से देश का पहला शहर बनाना है।
कितनी मिली है इनाम की रकम
10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में पहले स्थान पर आने वाले शहर को 1.50 करोड़, दूसरे स्थान पर एक करोड़ और तीसरे स्थान पर 25 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया। 3 से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में पहले स्थान पर रहने वाले शहर को 75 लाख रुपये, दूसरे और तीसरे नंबर पर रहने वाले शहरों को 25-25 लाख रुपये दिए गए। 3 लाख से कम आबादी वाले शहरों में पहले स्थान पर रहे शहर को 37.50 लाख, दूसरे नंबर पर 25 लाख और तीसरे नंबर पर 12.50 लाख रुपये दिए गए।

कम आबादी वाले शहरों में कौन टॉप
3 से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में कुल 42 शहर शामिल हुए, जिनमें अमरावती पहले, मुरादाबाद दूसरे और झांसी व अलवर संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे। 3 लाख से कम आबादी वाले शहरों में 40 शहरों ने प्रतियोगिता में भाग लिया, जिसमें देवास पहले, परवाणू दूसरे और अंगुल तीसरे स्थान पर रहे।
इन बड़ी पहलों ने दिलाया स्थान
पहला स्थान इंदौर (200 अंक) एक दिन में 16 लाख पौधरोपण का विश्व रिकार्ड, 120 इलेक्ट्रिक और 150 सीएनजी बसों का संचालन। दूसरा स्थान पर रहे जबलपुर (199 अंक) का कचरे से 11 मेगावाट बिजली पैदा करने का प्लांट। तीसरा स्थान पर रहे आगरा (196 अंक) का बड़े पैमाने पर जमा कचरे का निस्तारण और जापानी तकनीक से सघन पौधरोपण।
इस आधार पर रैंकिंग
कचरे को जलने से रोकना, सड़कों से उठने वाली धूल को कम करना, निर्माण कार्य से उठने वाली धूल और कचरे का प्रबंधन, वाहन प्रदूषण में कमी के उपाय, उद्योग से उठने वाले प्रदूषण पर रोकथाम।
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