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Anganbadi News : आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की ‘अग्नि परीक्षा’ Agni Pariksha of Anganwadi workers

Anganbadi News : आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीकृत लाभार्थियों को चेहरा सत्यापन के बाद पुष्टाहार मिलेगा, जिसके लिए आंकनबाड़ी कार्यकत्रियों को टेनिंग देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह कार्य उनके लिए किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है।

आगरा/लखनऊ.

Anganbadi News : देश में कुपोषण के खिलाफ सरकारें अभियान चला रही हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर उनके अभिभावकों को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां लगातार जागरूक कर रही हैं। साथ ही लाभार्थियों को सरकार द्वारा पुष्टाहार के रूप में दाल, सोयाबीन ऑयल और दलिया दिया जा रहा है। पुष्टाहार के वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए अब फेस ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। लाभार्थियों को उनका चेहरा सत्यापन के बाद ही पुष्टाहार मिल सकेगा। इस कार्य को पूरा करने के लिए दूसरे चरण की ट्रेनिंग शुरू हो गई है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। इससे उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। माना जा रहा है कि यह कार्य आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए अग्नि परीक्षा की तरह है। सरकार का चेहरा सत्यापन पर जोर है, जिससे पुष्टाहार वितरण में गड़बड़ी रुक सकें। पूरी पारदर्शिता के साथ लाभार्थियों को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां हर महीने मिलने वाले पुष्टाहार को दे सकें।

देश की मोदी और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्रों को मुहैया कराने के लिए लगातार कोई न कोई व्यवस्था लागू कर रही हैं। शासन-प्रशासन को मिलने वाली शिकायतों का सिलसिला रुक सके। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने फेस ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था को लागू करने का कार्य तेज कर दिया है। हालांकि अभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों को बिना चेहरा सत्यापन के ही पुष्टाहार मिल रहा है, लेकिन जल्द ही ये कार्य बंद हो जाएगा। चेहरा सत्यापन के बाद ही लाभार्थियों को पुष्टाहार के रूप में दाल, सोयाबीन ऑयल और गेहूं का दलिया मिल सकेगा। बता दें कि पहले चरण में जिला कार्यक्रम अधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों और मुख्य सेविकाओं की टेनिंग हो गई है। अब दूसरे चरण की ट्रेनिंग शुरू हो गई हैै। मास्टर ट्रेनर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। उन्हें कार्य के बारे में बारीकी से जानकारी दे रहे हैं। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से संवाद करके उनके सवालों के जवाब भी दे रहे हैं, जिससे उनके मन में कोई सवाल न रह जाए। बात करें आगरा जनपद की तो जिलाधिकारी अरिवंद मल्लप्पा बंगारी और मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह के निर्देश पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की ट्रेनिंग शुरू हो गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी हरीश कुमार मौर्य ने जनपद की सभी परियोजनाओं में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को ट्रेनिंग देने का कार्य शुरू करवा दिया है। वे स्वयं इस कार्य की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

आंगनबाड़ी केंद्रों पर फेस ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था लागू होने से किसी दूसरे व्यक्ति को पुष्टाहार नहीं मिल पाएगा। पुष्टाहार वितरण के कार्य पर उठने वाले सवालों पर ब्रेक लग जाएगा।

Anganbadi News : कार्यशाला के मुख्य बिंदु (Main points of the workshop)

🔸 पुष्टाहार वितरण में पारदर्शिता: फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से पुष्टाहार वितरण को और पारदर्शी बनाया जाएगा।
🔸लाभार्थियों की पहचान: पोषण ट्रेकर एप पर फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से आंगनबाड़ी केन्द्र के पंजीकृत वास्तविक लाभार्थियों की पहचान की जाएगी।
🔸 प्रशिक्षण: कार्यशाला में आगरा मंडल के समस्त जनपदों के जिला कार्यक्रम अधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों, मुख्य सेविकाओं एवं जिला समन्वयकों द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया गया।
🔸लाभार्थियों को पुष्टाहार फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से प्राप्त कराने की तैयारी
🔸मंडल के जिला कार्यकम अधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों, मुख्य सेविकाओं एवं जिला समन्वयकों ने प्रशिक्षण ले लिया है।
🔸 जल्द ही मास्टर ट्रेनर के माध्यम से जनपद की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

Anganbadi News : आंगनबाड़ी केंद्र पर मिलता है ये पोषाहार (This nutritional food is available at Anganwadi center)

उत्तर प्रदेश के जनपदों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार के रूप में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं (धात्री महिलाओं) के अलावा 6 माह से 3 साल एवं 3 साल से 6 साल तक के बच्चों को पोषाहार मिलता है। इस पोषाहार में गेहूं का दलिया, दाल और फॉर्टिफाइड ऑयल शामिल है।

Anganbadi News : किस पोषाहार की कितनी है मात्रा (What is the quantity of which nutrient?)

आंगनबाड़ी केद्र पर मिलने वाले पोषाहार में गेहूं के दलिया, चना की दाल और फॉर्टिफाइड ऑयल की लाभार्थियों के अनुसार है। गर्भवती महिला और स्तनपान कराने वाली महिला को चना की दाल एक किलोग्राम, गेहूं का दलिया डेढ किलोग्राम और फॉर्टिफाइड ऑयल 455 ग्राम मिलता है। इसी तरह 6 माह से 3 साल तक के बच्चों को दाल एक किलोग्राम, गेहूं का दलिया एक किलोग्राम और फॉर्टिफाइड ऑयल 455 ग्राम मिलता है।

Anganbadi News : बच्चों में कुपोषण क्या है? (What is malnutrition in children?)

चिकित्सकों के अनुसार बच्चों का शारीरिक विकास एवं वृद्धि उनकी आयु के अनुसार मानक अनुरूप न होना ही कुपोषण कहलाता है। ऐसे बच्चे अपनी उम्र के अन्य सामान्य स्वस्थ बच्चों से औसतन कम विकास करते हैं। बच्चों में 5 साल की उम्र तक विकास करने की क्षमता एक समान होती है। यदि कोई बच्चा कुपोषित है तो उसके शरीर के सामान्य गति से वृद्धि करने की क्षमता, मानसिक विकास, बौद्धिक विकास व उसके सीखने की क्षमता प्रभावित हो रही है।

Anganbadi News : कुपोषण की हो सकती हैं तीन स्थित (There can be three reasons for malnutrition)

चिकित्सकों के अनुसार बच्चों के शरीर में कुपोषण की तीन स्थिति हो सकती हैं। इनमें पहली शरीर में पहले से ही कम पोषण तत्वों की उपलब्धता हो, दूसरी भोजन से कम पोषक तत्वों की प्राप्ति हो
और तीसरी स्थिति भोजन से पर्याप्त मात्रा में पोषण तत्व मिलने पर भी शरीर में उनका अवशोषण न होना।

Anganbadi News : आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आएगी ये परेशानी

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जानकारों की मानें तो फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से पुष्टाहार वितरण में कई दिक्कत के सामने आएंगी। इससे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों (Anganbadi Worker) को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जानकारों का कहना है कि जिन बच्चों का आधार कार्ड नहीं बना है, उनके स्थान पर उनकी माता का आधार नंबर लगा हुआ है। अब इस नई व्यवस्था के तहत लाभार्थियों का अलग-अलग आधार कार्ड नंबर होना अनिवार्य है। फेस ऑथेंटिकेशन ( face Authentication) आधार कार्ड (Aadhar Card) नंबर के आधार पर ही होगा। अभी तक बिना फेस ऑथेंटिकेशन के आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां लाभार्थियों को पुष्टाहार ( Nutritious food) का वितरण कर रही थीं। बच्चों का आधार कार्ड नंबर न होने पर उसके स्थान पर उसकी माता का आधार नंबर पोषण ट्रैकर ऐप (Poshan Tracker App) में फीड कर दिया जाता था, लेकिन अब ऐसा करने पर उस लाभार्थी का फेस ऑथेंटिकेशन होने में दिक्कत आएगी। जब तक फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी तब तक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लाभार्थी को पुष्टाहार का लाभ नहीं दे पाएंगी।

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